8/28/2017

"कला प्रदर्शनी.."

"इनर आई"  संस्था द्वारा, भगवान्  श्री गणेश जी के चित्रों की एक दिवसीय कला प्रदर्शनी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी भवन में आयोजित की गयी। गणेश उत्सव पर कला और संस्कृति का अद्धभुत संगम, सभी कलाकारों को मेरी और से अनंत शुभकामनायें।
(27 अगस्त 2017)




8/27/2017

"संस्कार भारती मुरादाबाद महानगर"

कला और साहित्य को समर्पित अखिल भारतीय संस्था, "संस्कार  भारती मुरादाबाद महानगर" के "महामंत्री" बनाये जाने के बाद,  मुख्य अतिथि एमएलसी डा ०  जयपाल सिंह "व्यस्त" जी और प्रांतीय अध्यक्ष डा ०  राजीव लोचन शर्मा जी से आशीर्वाद और शुभकामनायें लेते हुए।  
मैं, संस्था के सभी वरिष्ठ अधिकारियों के प्रति अपना विशेष आभार व्यक्त करता हूँ।
(दिनांक : 26 अगस्त 2017 )

8/15/2017

15 Aug, 2017

स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनायें !
जय हिन्द !
वन्दे मातरम !
@ शलभ गुप्ता 

4/17/2017

"हिंदुस्तान समाचार पत्र.."

"विश्व संवाद केंद्र" द्वारा 16 अप्रैल को आयोजित कार्यक्रम में सहभागिता करते हुये , मुझे डॉ. भीमराव अम्बेडकर जी के जीवन दर्शन को समझने और जानने का अवसर प्राप्त हुआ। 
( प्रेस कवरेज : 17 अप्रैल 2017 ) 
हिंदुस्तान समाचार पत्र 

"डॉ. भीमराव अम्बेडकर जी.."

"विश्व संवाद केंद्र" द्वारा 16 अप्रैल को आयोजित कार्यक्रम में सहभागिता करते हुये , मुझे डॉ. भीमराव अम्बेडकर जी के जीवन दर्शन को समझने और जानने का अवसर प्राप्त हुआ। ( प्रेस कवरेज : 17 अप्रैल 2017 ) 














(अमर उजाला )

















(दैनिक जागरण)

2/09/2017

"जिंदगी.."

हौंसला होना चाहिए,
जिंदगी तो कही भी,
शुरू हो सकती है।  

1/20/2017

"ज़िन्दगी.."

बहुत खूब लिखा है किसी ने,

[१]
वक्त का ख़ास होना ज़रूरी नहीं,
ख़ास लोगों के लिए वक्त होना ज़रूरी है।

[२]
एक बेहतरीन ज़िन्दगी जीने के लिये,
यह स्वीकार करना भी ज़रूरी है ,
कि सब कुछ, सबको नहीं मिल सकता।

1/17/2017

"दो पंक्तियाँ .."

किसी ने क्या खूब कहा है ,

[१] खोये हुए हम खुद हैं और ढूंढते खुदा को हैं।

[२] देखने के लिये इतना सब कुछ होते हुए भी ,
बंद आँखों से देखना भीतर देखना सबसे बेहतर है।



1/12/2017

"ख्वाहिश.."

क्या खूब कहा है किसी ने ,

ख्वाहिश भले छोटी सी हो
लेकिन, उसे पूरा करने के लिये
दिल ज़िद्दी सा होना चाहिये।  

1/11/2017

"वसीयत या विरासत"

किसी ने क्या खूब कहा है,
यह महत्वपूर्ण नहीं  है कि "वसीयत" में हमें क्या मिला है ,
महत्वपूर्ण यह है कि "विरासत" में हम क्या छोड़ कर जा रहे हैं।